श्री गुरु ग्लोबल टाइम:-पूरे देश भर में इथेनॉल पर सवाल उठ रहा है गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को भी प्रेस कांफ्रेंस करके इथेनॉल के संबंध में जानकारी दिया गया,, अधिकतर गाड़ी बनाने वाली कंपनियां सरकार के साथ में है,, लेकिन वाहन चलाने वालों का जो सवाल है उसका उसका सही जवाब गाड़ी बनाने वाली कंपनियां एवं सरकार जवाब नहीं दे पा रही,, हालांकि पेट्रोल में एथेनॉल कांग्रेस के समय से ही मिलावट हो रहा है इथेनॉल 2001 में 5% था पहले10% अब धीरे-धीरे इसको बढा़ करके 20% कर दिया गया है। लेकिन अभी वर्तमान में 20% है कि ज्यादा डाल रहे हैं इसका कोई जांच नहीं हुआ है और जांच आप लोग बिल्कुल नहीं कर सकते क्योंकि आपके पास टेस्ट करने का संसाधन नहीं है और अधिकार भी नहीं है कर भी लेंगे तो आप कुछ नहीं कर पाएंगे वर्तमान में जो सरकार है उन्होंने सारे कंपनियों को यह गाइडलाइन दे दिया है गाड़ी का डिजाइन इंजन का निर्माण ईस प्रकार करें जो 20% एथेनॉल को चला सके,, मतलब आपके पास 20% इथेनॉल पेट्रोल में मिलाकर चलने वाला आपके पास अगर गाड़ी नहीं है तो क्या होगा आपका इंजन क्या खराब हो जाएगा,? अब इंजन के बारे में समझते हैं,, इंजन का मुख्य भाग पिस्टन होता है जो पेट्रोल ईंधन मिलने से पिस्टन को धकेलता है,गियर बॉक्स से पहिया आगे बढ़ता है, उसमें पंप होता है जो पिस्टल में इंजन ऑयल सप्लाई होता है तो पिस्टन का घीसाव कम होता है,, मतलब आपका गाड़ी नॉर्मल निश्चित क्षमता तक चलने के बाद ही खराब होगा,, समय पर गाड़ी का ऑयल चेंज करना पड़ता है,,, लेकिन इथेनॉल से पूरे देश भर में अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं अगर इसका सीधा सवाल है इथेनॉल से इंजन खराब होती है गाड़ी खराब होती है इसका जिम्मेदारी सरकार लेगी या गाड़ी बनाने वाली कंपनियां। यह देश के पेट्रोल बेचने वाली पेट्रोल की कंपनियां,, सवाल केंद्रीय परिवहन मंत्री से होता है और जवाब पेट्रोल मंत्री देते हैं,, केंद्रीय परिवहन मंत्री ने इथेनॉल को मंजूरी दिया है 20% पेट्रोल में मिलाकर के बेचना है,, इथेनॉल को रासायनिक फॉर्मूला से समझे तो एक प्रकार का देसी भाषा में कहे तो दारु भी है,,, पेट्रोल में भी आग लग सकती है दारू में भी आग लगती है,, पेट्रोल में अल्कोहल यानी एथेनॉल को मिलाकर के इंजन में सप्लाई होता है साथ में जल जाती है,, लेकिन वहां चलने वाला का सवाल यही है गाड़ी का प्रति लीटर माइलेज कम रहा है,, गाड़ी का पिकअप यानी ताकत टॉर्क कम हो रहा है। पेट्रोल टैंक में जंग लगने एवं इसका कई अलग-अलग समस्याएं सामने आ रही है, सबको तो लिख नहीं सकते। सरकार का यही मकसद है
लेकिन सरकार तो 85 परसेंट इथेनॉल तक ले जाने की बात कह रही है।
