श्री गुरु ग्लोबल टाइम:-देश की संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग पर जिस प्रकार तथ्य देकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनाव आयोग पर प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। चुनाव आयोग पर सत्ता पक्ष के साथ मिलकर के वोट में गड़बड़ी का आरोप लग रहा है। और इसका ठोस जवाब चुनाव आयोग की तरफ से नहीं मिल रहा है। चुनाव आयोग की विश्वसनियता धीरे-धीरे खराब हो रही है यह देश के लिए गंभीर विषय है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु लोकसभा के महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 8 अगस्त को फर्जी वोटिंग लिस्ट के आंकड़े लिए एक ही मकान नंबर पर कई फर्जी वोटिंग के वोटिंग सूची के नाम दिखाएं। इसको एटम बम का दर्जा दिए। फिर दूसरी बार कर्नाटक के अलंद विधानसभा में जिस प्रकार वोट की काटने की कोशिश हुई उसको बताएं । उसको कर्नाटक के चुनाव आयोग के द्वारा FIR दर्ज होने के बाद जिसका कर्नाटक सीआईडी जांच कर रही है चुनाव आयोग के द्वारा 18 पत्र भेजने के बाद भी चुनाव आयोग सही जानकारी मोबाइल नंबर की ओटीपी सही जानकारी नहीं दिया गया एवं राहुल गांधी के द्वारा बताया गया जानकारी मोबाइल नंबर में जो है कर्नाटक के नहीं है दूसरे राज्य के हैं। जिसका चुनाव आयोग ने ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी दिया यह सब झूठ है इसके अलावा कोई ठोस ठोस सबूत चुनाव आयोग ने इसको झूठ साबित करने के लिए नहीं दिया। चुनाव आयोग लगातार अपनी गरिमा और विश्वसनीयता खो चुकी है, यह बिल्कुल स्पष्ट दिखाई दे रही है। चुनाव आयोग के पास संविधान में इतनी शक्तियां है, अपने ऊपर लगे आरोप का उसके पास क्षमता है की खुद जांच करवा करके अपने आप को जनता के बीच
निष्पक्षता साबित कर सके। पर चुनाव आयोग ऐसा किसलिए नहीं कर रही है यह चुनाव आयोग पर सवाल उठता है। अब राहुल गांधी हाइड्रोजन बम का बात कहें वह कैसा हो सकता है। अब चुनाव में वोट दो प्रकार की होती है पहला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से और दूसरा वैलेट पेपर से, हरियाणा में एक विधानसभा सीट में 50 वोट से हार जीत तय कर दिया लेकिन इस में सीट पर बैलेट पेपर के ढाई सौ से अधिक वोट को रिजेक्ट कर दिया वही मामला न्यायालय में चल रहा है। पूर्व IAS ने न्यायालय में खुलासा किया कि लगभग 150 लिफाफे अभी तक भी खोले ही नहीं गए। अब राहुल गांधी का हाइड्रोजन बम ऐसा ही संभावना है फार्म 17 के हिसाब से कितना वोट डाला गया कितना गिनती किया गया गुणा गणित को जोड़ करके घटा करके चुनाव आयोग ने कितना आंकड़ा जीत हार में दर्शाया गया इसी में राहुल गांधी का अगला हाइड्रोजन बम हो सकता है इसी में खुलासा हो सकता है ऐसी संभावना दिखाई दे रही है और पता नहीं राहुल गांधी कैसा बंम चुनाव आयोग के खिलाफ इस बार लाएगें । देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता है देश में ऐसा पहली बार इतना बड़ा आरोप चुनाव आयुक्त के खिलाफ लग रहा है संवैधानिक संस्था के ऊपर पहले तो उनकी नीतियां ही असवैधानिक बिल्कुल है जिसमें पहले प्रधानमंत्री नेता प्रतिपक्ष और माननीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्ति करते थे। अब मुख्य न्यायाधीश को इस विधेयक से हटा करके कैबिनेट के मंत्री को जोड़ दिया गया। एवं मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं हो सकता ऐसा कानून में संशोधन कर दिया गया। अब तो ऐसे ही स्पष्ट है चुनाव आयोग गड़बड़ी कर रही है इससे तथ्य से साबित हो चुका हैं। जिस प्रकार से कानून को संशोधन किया गया है चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था को लोकतंत्र के खिलाफ अपराध करने के लिए खुला छूट दिया गया है इस प्रकार सत्ता पक्ष ने कानून को बदलाव किया है। यह तो इतनी बड़ी लोकतंत्र भारत का अपराध करने के लिए असवैधानिक कार्य करने के लिए बिल्कुल छूट दिया गया है ऐसा स्पष्ट हो रहा है। चुनाव आयोग पर चोरी का आरोप लगा रहा है लग रहा है क्या भारत सरकार को देश के सभी प्रकार के चोरी के मामले को देश के अन्य सभी नागरिक को छूट दे देना चाहिए जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त को दिया है संविधान में कानून में बदलाव करके।
